लैंप के नीचे मेज़ पर बिखरे पुराने पत्र, पारिवारिक तस्वीरें, मोम की मुहरें, एक जेब घड़ी और घिसी हुई नोटबुक।

उद्गम

हर कहानी का एक उद्गम होता है। एक परिवार, एक जगह, पहला चुनाव और पहली क्षति, सब अपनी छाप छोड़ जाते हैं। ये कहानियाँ उस अदृश्य धागे का पीछा करती हैं जो इस बात को कि हम कहाँ से आए हैं, इस बात से जोड़ता है कि हम क्या बनते हैं।